धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी थमेगा नहीं आंदोलन, CJP बोली- ‘दो मांगें अभी बाकी हैं’

नई दिल्ली

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर-मंतर पर कॉक्रोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार दोपहर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. प्रधान के त्यागपत्र की खबर जैसे ही वायरल हुई, उस पर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे कॉक्रोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके का रिएक्शन आया. उन्होंने इस्तीफे पर खुशी जताते हुए कहा कि अभी हमारी दो और मांगे हैं.  उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी दो और मांगें हैं. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है लेकिन जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, उनके परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा मिलना चाहिए और दूसरा, ये पुलिस वाले जिन्होंने 20 तारीख को एक्शन लिया. उसके लिए पुलिस अधिकारियों पर एक्शन होना चाहिए. याद रखना कॉकरोच से पंगा मत लेना। 

दीपके ने कहा, मीडिया वाले कहते थे, राजनेता कहते थे, नहीं देंगे इस्तीफा.. ये बहुत जिद्दी सरकार है. आप जानते नहीं हो क्या इस सरकार को. 36 दिन मुझे हर रोज ये सवाल पूछा जाता था. हर किसी ने यही कहा. इस्तीफा नहीं होगा तो क्या होगा. जब मैं अमेरिका से निकला था तो कई सारे लोग ये कहते थे, तुझे क्या लगता है कि इंडिया में क्रांति आएगी, देखो क्रांति आ गई। 

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. यह इस बात का सबूत है कि अगर आप डरते नहीं हैं और इस सरकार के सामने झुकते नहीं हैं, तो आप किसी का भी इस्तीफ़ा ले सकते हैं. लोकतंत्र में डरें नहीं. डरना नहीं है, डरेंगे तो कैसी डेमोक्रेसी. ये इस्तीफा इस बात का गवाह है, अगर आप झुकेंगे नहीं तो अच्छे अच्छों का इस्तीफा ले सकते हो। 

दीपके ने कहा, कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है. जिन बच्चों ने सुसाइड किया है, उनके परिवार वालों को मुआवजा मिलना चाहिए. दीपके ने कहा कि 20 जुलाई को जिन पुलिस अफसरों बल प्रयोग किया है, उन पर एक्शन होना चाहिए. अगर हम एक मंत्री का इस्तीफा ले सकते हैं तो याद रखना तुम लोग क्या हो. 20 जुलाई के बाद से जितने भी छात्रों पर केस हुए हैं, वो वापस होने चाहिए. ये हमारी जीत दिखाती है कि हमारा लोकतंत्र कैसा होना चाहिए. रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस वाले माफी भी मांगें। 

पीड़ित छात्रों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे – अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके ने कहा कि वह पीड़ित छात्रों और उनके परिवारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे और उन्हें न्याय दिलाने तक पीछे नहीं हटेंगे. दिपके ने अपने संबोधन में कहा कि पीड़ितों के लिए मैं लड़ूंगा, न्याय दिलाऊंगा. इस दौरान उन्होंने आंदोलन के प्रतीक का उल्लेख करते हुए कहा, ‘कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं है.’ अभिजीत दिपके ने सरकार के सामने अपनी अन्य मांगों को भी दोहराया. उन्होंने मांग की कि कथित तौर पर परीक्षा विवाद और उससे जुड़े घटनाक्रम के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए. उनका कहना था कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ न्याय भी मिलना चाहिए। 

अभी जारी रहेगा विरोध-प्रदर्शन
सके अलावा दिपके ने 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने दिल्ली पुलिस के डीसीपी संदीप लांबा, एसीपी अजय शर्मा और सचिन शर्मा का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई के लिए इन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. दिपके ने कहा कि यदि आंदोलन के दबाव में एक केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा हो सकता है, तो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी संभव है. उन्होंने समर्थकों से कहा कि अभी एक इस्तीफा हुआ है… अगर एक मंत्री का इस्तीफा ले सकते हो तो तुम लोग क्या हो? उन्होंने आंदोलन को जारी रखने और बाकी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया. जंतर-मंतर पर मौजूद समर्थकों ने इस दौरान नारेबाजी की और इसे आंदोलन की पहली बड़ी सफलता बताया. वहीं, CJP नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी अन्य मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। 

 

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