जयपुर/बारां (सिंधु चौपाल संवाददाता)।
बारां जिले की छबड़ा थाना पुलिस ने किसानों से कृषि परियोजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों के दर्जनभर से अधिक थानों में ठगी के आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
झांसा देकर ऐंठे ₹12.50 लाख, फर्जी नाम-पते का किया इस्तेमाल
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि वर्ष 2023 में छबड़ा क्षेत्र के चार किसानों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने ‘फार्मर एग्रो सॉल्यूशन’ नाम से फर्जी कंपनी बनाई। आरोपियों ने किसानों को फलदार पौधों के बगीचे लगाने, पॉलीहाउस स्थापित करने तथा जैविक खाद की एजेंसी दिलाने का झांसा दिया और विश्वास में लेकर नकद एवं चेक के माध्यम से करीब ₹12.50 लाख की ठगी कर फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी सौरभ तिवाड़ी के सुपरविजन व सीओ ताराचंद के निर्देशन में थानाधिकारी राजेश खटाना के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि एफआईआर में दर्ज नाम, पते और मोबाइल नंबर पूरी तरह फर्जी थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और खुफिया निगरानी के आधार पर गिरोह की पहचान की।
पंजाब से दबोचा गया आरोपी
विशेष पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्य रघुनाथ गुप्ता (पुत्र रामगणेश गुप्ता, निवासी बस्ती, उत्तर प्रदेश; हाल निवासी लुधियाना, पंजाब) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गिरोह के अन्य साथियों और ठगी के पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
ठगी का तरीका: कृषि योजनाओं का देते थे लालच
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह फर्जी कृषि कंपनियां बनाकर किसानों को आधुनिक खेती, पॉलीहाउस, बगीचे और जैविक खाद की एजेंसी दिलाने का प्रलोभन देता था। इसके लिए फर्जी बैंक खातों, कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग किया जाता था। किसानों का भरोसा जीतकर बड़ी रकम ऐंठने के बाद आरोपी गायब हो जाते थे।