सिंधी अकादमी में अध्यक्ष पद पर शीघ्र नियुक्ति न होने पर भाजपा का पूर्ण बहिष्कार करेगा सिंधी समाज: दीपक कुमार डूलानी
सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भेजा विस्तृत ज्ञापन; अकादमी में पद रिक्त रहने से बजट लैप्स होने पर जताई गहरी चिंता
जयपुर (सिंधु चौपाल संवाददाता)।


राजस्थान विश्वविद्यालय विधि महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार डूलानी ने राजस्थान सरकार और भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व को सिंधी समाज की भावनाओं से अवगत कराते हुए कड़ा रुख अपनाया है। डूलानी ने आज माननीय मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ईमेल के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित कर राजस्थान सिंधी अकादमी में अध्यक्ष पद पर शीघ्र नियुक्ति की पुरजोर मांग की है।
अकादमी बनी निष्प्रभावी, बजटीय राशि हो रही लैप्स: डूलानी
ज्ञापन में एडवोकेट दीपक कुमार डूलानी ने रेखांकित किया कि राजस्थान सिंधी अकादमी में लंबे समय से अध्यक्ष का पद रिक्त पड़ा हुआ है। अध्यक्ष के अभाव में यह महत्वपूर्ण संस्थान मात्र एक निष्प्रभावी प्रशासनिक ढांचा बनकर रह गया है।
उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वीकृत बजटीय राशि का समयबद्ध उपयोग न होने के कारण बजट लैप्स (Budget Lapsed) हो रहा है, जिससे सिंधी भाषा, कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। डूलानी ने सिंधी समाज के ऐतिहासिक और प्राचीन समृद्ध इतिहास का भी उल्लेख किया।
भाजपा नेतृत्व को खुली चेतावनी: आगामी निकाय चुनावों में होगा बहिष्कार
एडवोकेट डूलानी ने ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार और पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान सिंधी अकादमी के अध्यक्ष पद पर सिंधी समाज के ही किसी योग्य, भाषा-प्रेमी एवं निष्ठावान प्रतिनिधि की अविलंब नियुक्ति नहीं की जाती है, तो राज्यभर का सिंधी समाज एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगा।
उन्होंने कड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लेने की बात कहते हुए चेतावनी दी कि सिंधी समाज आगामी निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्ण बहिष्कार के लिए विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। डूलानी ने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार त्वरित और सकारात्मक निर्णय लेगी।