भिंड
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक भीषण हादसा हुआ है. यहां नेशनल हाईवे 719 पर एक ट्रक व लोडिंग वाहन के बीच भीषण टक्कर में 8 लोगों की मौत हो गई है. हादसा गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के छीमका गांव के पास हुआ है. मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को गोहद स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां से गंभीर घायलों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
लोडिंग ऑटो में सवार थे यूपी के मजदूर
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसा देर रात 1 बजे के आसपास हुआ है. यहां चिनोर गांव में धान रोपाई का काम करने के बाद यूपी के पछगवां, लखीमपुर खीरी व आसपास के क्षेत्रों के मजदूर लोडिंग वाहन में सवार होकर वापस अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान नेशनल हाईवे 719 पर छीमका गांव के सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से लोडिंग वाहन की सीधी टक्कर हो गई।
मवेशियों को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा
हादसा सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब एक बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं। अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में पिकअप चालक ने वाहन मोड़ दिया और सामने से आ रहे डंपर से जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन में सवार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
धान की रोपाई के बाद लखीमपुर लौट रहे थे मजदूर
बताया जा रहा है कि सभी मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम करने आए थे। काम पूरा होने के बाद वे पिकअप से अपने गांव लखीमपुर खीरी लौट रहे थे। लेकिन रात के सफर में छीमका गांव के पास उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, हादसे में 8 मजदूरों की मौत हुई है, जबकि 25 लोग घायल हैं। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं और मृतकों एवं घायलों की पहचान की जा रही है।
गाय को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा
हादसे में घायल मजदूर नंदलाल ने बताया, ” हम सभी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के अलग-अलग गांवे रहने वाले मजदूर हैं और डबरा के चीनोर इलाके में कुछ दिन पहले धान की रोपाई का काम करने आए थे. काम खत्म होने के बाद सभी पिकअप लोडिंग वाहन में बैठकर लौट रहे थे. तभी टक्कर हो गई.” पुलिस के मुताबिक छीमका मोड़ के पास सड़क पर बैठे गोवंश को बचाने के प्रयास में पिकअप अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक से सीधे जा भिड़ी. हादसे में कुल 8 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, लगभग 21 लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया है।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
हादसे में यूपी के मजदूरों की असमय मौत पर योगी आदित्यनाथ ने दुख जताते हुए कहा, ” मध्य प्रदेश के भिंड में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक और मन को व्यथित करने वाली है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित कर दुर्घटना में काल-कवलित हुए उ.प्र. के नागरिकों के पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद पहुंचाकर परिजनों को सौंपने एवं घायलों के समुचित इलाज कराने हेतु निर्देशित किया है. इस दुर्घटना में उत्तर प्रदेश के प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2-2 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
3 गंभीर रूप से घायलों ने रास्ते में तोड़ा दम
गोहद अस्पताल में डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया था, जिनमें से तीन लोगों की मौत ग्वालियर पहुंचने से पहले हो गई. इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है. फिलहाल पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है. हादसे ने एक बार फिर NH-719 पर सड़क सुरक्षा और हाईवे पर बैठे आवारा गोवंश को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।
दो हफ्ते पहले भी बस और ट्रक की हुई थी भिड़न्त
इसी महीने 7 अगस्त को नेपाल से पुणे जा रही यात्री बस का एक्सीडेंट भी गोहद चौराहा थाना क्षेत्र से गुजरे नेशनल हाईवे 719 पर हुआ था, जिसमें नेपाल की महिला यात्री की मौत हो गई थी, जबकि 15 यात्री घायल हुए थे. ऐसे में अगस्त महीने में ही यह दूसरा बड़ा हादसा है, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है. डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादतर घायलों को फ्रक्चर और गंभीर छोटे हैं. जिन्हें ग्वालियर इलाज के लिए रैफर किया गया है।
कागजों में सिमटा फोरलेन
एनएच-719 को फोरलेन बनाने की मांग को लेकर दंदरौआ धाम के संत समाज से लेकर स्थानीय युवाओं ने कई बड़े आंदोलन, चक्काजाम और ज्ञापन सौंपे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और NHAI की बैठकों में फोरलेन को मंजूरी देने और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के बड़े-बड़े दावे तो किए गए, लेकिन धरातल पर आज तक काम शुरू नहीं हो सका। नतीजतन, बिना डिवाइडर वाले इस खूनी हाईवे पर हर दिन मुसाफिर अपनी हथेली पर जान रखकर सफर करने को मजबूर हैं।
टू-लेन है भिंड से ग्वालियर-इटावा को जोड़ने वाला हाईवे
भिंड से ग्वालियर और उत्तर प्रदेश के इटावा को जोड़ने वाला 117 किलोमीटर का यह हाईवे आज भी मात्र टू-लेन है। बिना डिवाइडर वाली इस पतली सड़क पर दिन-रात भारी डंपरों और बालू-रेत के ओवरलोड वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है।