MP Rail Project: भोपाल-इंदौर-जबलपुर की रफ्तार बढ़ेगी, 205 KM नई रेल लाइन से 4 राज्यों को मिलेगी हाईस्पीड कनेक्टिविटी

Spread the love

इंदौर

इंदौर-बुधनी रेल लाइन परियोजना मध्य प्रदेश में रेलवे के नेटवर्क को और मजबूत करने वाली है. 205 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट से इंदौर और जबलपुर के बीच की दूरी 70 से 75 किलोमीटर तक कम हो जाएगी. साथ ही जबलपुर और इंदौर की कनेक्टिविटी मुंबई, नागपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े महानगरों से और मजबूत हो जाएगी. क्योंकि यह एक बेहद छोटा और सीधा बाईपास रूट तैयार हो जाएगा, जहां जबलपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों को इटारसी नहीं जाना पड़ेगा और वह सीधे दक्षिण भारत के रूट पर जा सकेगी. इंदौर-बुधनी रेल प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश से दिल्ली और मुंबई के बीच गुजरने वाली ट्रेनों के लिए भी बेहद उपयोगी होगा. ऐसे में यह परियोजना मध्य प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम मानी जा रही है। 

मुंबई, नागपुर, प्रयागराज, बनारस जैसे बड़े शहर जुडे़ंगे 
वर्तमान में पश्चिम मध्य रेलवे का नेटवर्क पर ज्यादा दवाब होता है, क्योंकि पश्चिमी मध्य प्रदेश को मध्य और पूर्वी हिस्से कनेक्ट करने के लिए भोपाल और इटारसी रूट से होकर गुजरना पड़ता है. लेकिन इंदौर-बुधनी रेल लाइन भारतीय रेलवे को एक मजबूत और वैकल्पिक बाईपास रूट देगी. ऐसे में जबलपुर से दक्षिण भारत की तरफ जाने वाली ट्रेनें बिना इटारसी से हुए सीधे बुधनी से होते हुए नागपुर, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई की तरफ रवाना हो जाएगी. इसी तरह दक्षिण भारत से उत्तर की तरफ आने वाली ट्रेनों को बिना इटारसी से जाए सीधे जबलपुर रूट से लेते हुए प्रयागराज, बनारस और बिहार की तरफ जा सकेगी. इस लाइन के चालू होने से मध्य प्रदेश के माध्यम से इन बड़े शहरों की कनेक्टिविटी में भारी सुधार होगा। 
इंदौर-बुधनी रेल लाइन के फायदे 

    इंदौर और उज्जैन से हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई जाने वाली मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को इटारसी का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। 

    मध्य और पूर्वी भारत से आने वाली ट्रेनें और मालगाड़ियां ट्रैफिक बिना भोपाल में अटके सीधे इंदौर, पीथमपुर और गुजरात की तरफ बढ़ेगी। 

    जबलपुर के रास्ते ओडिशा और पश्चिम बंगाल रायपुर, बिलासपुर, कोलकाता तक कनेक्टिविटी बेहद सुगम और कम समय वाली हो जाएगी। 

    अमृतसर, जम्मू और दिल्ली से दक्षिण भारत के शहर नागपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु की ओर जाने वाली ट्रेनें इस नए बाईपास रूट का उपयोग कर सकेंगी। 

    यह रेल लाइन भोपाल और इटारसी के ट्रैफिक को बायपास करते हुए इंदौर से सीधे दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश को जोड़ देगी।  

इंदौर जबलपुर की दूरी होगी कम
इंदौर बुधनी रेल लाइन से एमपी के महाकौशल की मालवा से कनेक्टिविटी मजबूत होगी. दरअसल, वर्तमान में इंदौर से जबलपुर जाने वाली ट्रेनों को भोपाल और इटारसी से होकर जाना पड़ता है. जिससे दोनों शहरों की दूरी 554 किलोमीटर की हो जाती है. इंदौर-बुधनी रेल लाइन शुरू होने से यह दूरी लगभग 68 से 74 किलोमीटर तक कम हो जाएगी. इससे यात्रियों का यात्रा समय करीब 1 से 2 घंटे तक घट जाएगा. इसके अलावा इस रूट के चालू होने से मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक नेटवर्क, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर सीधे एक एकीकृत रेल लाइन चेन से जुड़ जाएगा. जिससे यह रेलवे परियोजना मध्य प्रदेश के लिए बेहद उपयोगी मानी जा रही है। 

इंदौर-बुधनी रेल लाइन की खासियत 
इंदौर-बुधनी रेल लाइन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरा ट्रैक पूरी तरह से लेवल-क्रॉसिंग मुक्त रहेगा. जो इसे बेहद सुरक्षित और हाई-स्पीड परिचालन के अनुकूल बनाता है. इस प्रोजेक्ट के तहत धंतलाब घाट क्षेत्र में 8.64 किलोमीटर लंबी सुरंग भी बनाई जा रही है. यह सुरंग मध्य भारत की सबसे लंबी रेल सुरंगों में से एक होगी। 

2029-30 तक पूरा होने का लक्ष्य 
रेल विकास निगम लिमिटेड की तरफ से इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन परियोजना का काम शुरू किया जा चुका है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस प्रोजेक्ट के लिए 7500 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है. जबकि साल 2029-2030 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। 

sindhuchaupal
Author: sindhuchaupal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

POll

[democracy id="1"]

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal