विशेष बातचीत: अधिवक्ता श्री प्रकाश तिवारी (संयोजक, भाजपा सांगानेर विधानसभा)
जयपुर। स्थानीय निकाय व आगामी पार्षद चुनावों की तैयारियों को लेकर सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में सांगठनिक हलचल तेज हो गई है। सांगानेर मुख्य बाजार के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष तथा वर्तमान में विधानसभा संयोजक श्री प्रकाश तिवारी से आगामी चुनाव, टिकट चयन प्रक्रिया और क्षेत्र के विकास की प्राथमिकताओं पर विशेष बातचीत के मुख्य अंश: प्र.1: मुख्यमंत्री माननीय भजनलाल शर्मा जी और प्रदेश नेतृत्व का आप पर पूरा भरोसा है। सांगानेर उनके प्रतिनिधित्व वाला मुख्य क्षेत्र है, ऐसे में पार्षद चुनाव में पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या है? उत्तर: हमारी पहली प्राथमिकता सांगानेर के हर वार्ड और हर गली तक समान विकास पहुँचाना है। सबसे प्रमुखता से पूरी सांगानेर विधानसभा में सीवर की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। प्र.2: पार्षद पद के दावेदारों के चयन में मुख्य मापदंड क्या रहेगा—संगठन के प्रति निष्ठा या संबंधित वार्ड में उम्मीदवार की 'जीतने की क्षमता' (Winnability)? उत्तर: पार्षद पद के उम्मीदवारों का चयन स्थानीय जुड़ाव, व्यक्तिगत ईमानदारी, जनता की निष्काम सेवा और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा के आधार पर किया जाएगा। प्र.3: सांगानेर एक बड़ा व्यापारिक और औद्योगिक केंद्र है। यहाँ के स्थानीय कपड़ा निर्माताओं, दुकानदारों और आम जनता की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए टिकट चयन में संतुलन कैसे बनाया जाएगा? उत्तर: टिकट वितरण में किसी भी एक वर्ग की उपेक्षा नहीं होगी। समाज के सभी वर्गों, स्थानीय निवासियों और सांगानेर के व्यापारिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्र.4: वार्डों में वर्तमान पार्षदों और मंडल अध्यक्ष जैसे बड़े पदाधिकारियों की सीधी दावेदारी रहती है। क्या संगठन नए चेहरों को मौका देगा या पुराने अनुभवों पर ही दांव लगाएगा? उत्तर: टिकटों का अंतिम निर्णय पूरी तरह से परफॉर्मेंस (Performance) के आधार पर किया जाएगा। वर्तमान पार्षदों और सांगठनिक पदाधिकारियों के पिछले कार्यों का मूल्यांकन ही उनकी दावेदारी का आधार बनेगा। प्र.5: विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों, प्रदर्शनों या असंतोष में शामिल रहे कार्यकर्ताओं की भी दावेदारी सामने आ रही है। क्या ऐसे लोगों के नाम पर विचार होगा? उत्तर: अनुशासन ही पार्टी की रीढ़ है। ऐसे सभी मामलों पर आदरणीय प्रदेश अध्यक्ष जी, जिला अध्यक्ष जी और संगठन का शीर्ष नेतृत्व आपस में विचार-विमर्श कर अंतिम निर्णय लेगा। प्र.6: परिसीमन व आरक्षण बदलने के कारण जिन कार्यकर्ताओं के मूल वार्ड प्रभावित हुए हैं, क्या उन्हें दूसरे पड़ोसी वार्डों से टिकट दिया जाएगा? उत्तर: आरक्षण की स्थिति में संगठन का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि केवल संबंधित वार्ड के स्थानीय कार्यकर्ताओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी। बाहरी प्रत्याशी थोपने का प्रश्न ही नहीं उठता। प्र.7: एक-एक वार्ड से कई-कई मजबूत दावेदार हैं। टिकट की घोषणा के बाद जो कार्यकर्ता छूट जाएंगे, उन्हें एकजुट रखने की आपकी क्या रणनीति है? उत्तर: भारतीय जनता पार्टी एक परिवार की तरह कार्य करती है। सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चला जाएगा और जिन कार्यकर्ताओं को चुनाव में अवसर नहीं मिल पाएगा, उन्हें आने वाले सांगठनिक ढाँचे व विभिन्न पदों पर समायोजित किया जाएगा।

