धर्मेन्द्र प्रधान पर फैसला तय? कैबिनेट बैठक से पहले पीएम मोदी के बड़े संकेत, डैमेज कंट्रोल में सरकार

नई दिल्ली

नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर देशभर में हो रहे छात्र प्रोटेस्ट और संसद में विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात बड़े संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा के प्रावधान वाले कानून के मसौदे पर चर्चा की जाएगी। सोशल मीडिया पर लगभग तीन मिनट का वीडियो संदेश जारी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कोई मामूली मुद्दा नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को बहुत दुख हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि कथित नीट पेपर लीक के बाद सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह पक्का करना था कि स्टूडेंट्स का एकेडमिक साल बर्बाद न हो। जल्द से जल्द परीक्षा कराना जरूरी था। सरकार ने करीब 22 लाख छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने के लिए अपनी पूरी प्रशासनिक मशीनरी झोंक दी थी। परिणाम 19 जुलाई को घोषित किए गए।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने कम से कम समय में लगभग 22 लाख छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल किया। सिर्फ चार-पांच दिन पहले, 19 तारीख को रिजल्ट घोषित हुए और देशभर से सफल अभ्यर्थियों के अपनी उपलब्धियों का जश्न मना रहे हैं।

पीएम मोदी फ्रंटफुट पर उतरकर संभाला मोर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रंटफुट पर उतरे और अपने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.  फास्ट ट्रैक कोर्ट का मकसद यह होगा कि पेपर लीक के दोषियों को जल्दी और सख्त सजा मिल सके. मामलों के निपटारे में देरी न हो, इसके लिए यह कदम उठाया जा रहा है। 

छात्र आंदोलन
पीएम मोदी के सख्त रुख के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय और संबंधित विभागों ने मिशन मोड में काम शुरू किया. सरकार ने चार राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान कर दिया गया.   कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया कि दिल्ली, बॉम्बे, कलकत्ता और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट्स के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की तैयारी की जा रही है. इन अदालतों में मामलों की हर रोज सुनवाई होगी। 

प्रशासनिक फेरबदल और पीएम का कड़ा संदेश
मोदी सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे पर  शिक्षा विभाग में बड़े बदलाव और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने से हुई. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया, जबकि विनीत जोशी को पद से हटाकर पंचायती राज विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया. विनीत जोशी को शिक्षा विभाग से हटाकर मोदी सरकार ने छात्रों का सियासी संदेश देने की कवायद की. इसे मोदी सरकार के सख्त एक्शन के तौर पर देखा जा रहा है। 

पीएम मोदी ने वीडियो के जरिए दिया मैसेज
गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों और देशवासियों को सरकार की रणनीति से अवगत कराया. पीएम मोदी ने कहा कि   मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई छोटी-मोटी बात नहीं है. यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बेहद दुखद है. पेपर लीक के गुनहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में पड़े हैं. हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि विद्यार्थियों का एक वर्ष बर्बाद न हो. तत्काल परीक्षाएं लेना बहुत जरूरी था। 

आरोपियों के खिलाफ जारी है कार्रवाई
उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। लेकिन इतना पर्याप्त नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ऐसे लोग नहीं हैं जो सिर्फ इतने से संतुष्ट हो जाएं। इसलिए आज मैंने विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स के लिए प्रावधान तैयार करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि अधिकारियों ने दिन भर काम करके कानून का मसौदा तैयार किया, जो गुरुवार देर रात सौंपा गया। पीएम मोदी ने कहा कि ड्राफ्ट कानून में फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा के प्रावधान शामिल हैं। इस पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी। कैबिनेट के साथियों के सुझावों को शामिल करने के बाद बिल को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नीट पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चल रहे देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों को शांत करने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार देर रात तीन मोर्चों पर बड़ी कार्रवाई की है। राजनीतिक बातचीत, कड़े कानून और प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव के जरिए सरकार ने परीक्षा प्रणाली में लोगों का भरोसा बहाल करने की अब तक की सबसे मजबूत कोशिश की है।

1. वांगचुक ने तोड़ा 26 दिन का अनशन
सरकार की राजनीतिक पहल के तहत सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 26 दिनों का अनशन खत्म कर दिया है। वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में लंबी बातचीत के बाद अनशन तोड़ने का फैसला लिया।

एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि देश में हिंसा की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि समझौते की विस्तृत जानकारी अलग से शेयर की जाएगी।

वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”मैं सोनम जी से अनुरोध करता हूं कि वह चिकित्सकों की सलाह मानें और अपना वजन फिर से पुरानी स्थिति में लायें, मैं प्रार्थना करता हूं कि वह स्वस्थ रहें।” इससे पहले, नड्डा ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो एवं अन्य लोगों की मौजूदगी में उन्हें सरकार का भरोसा दिलाते हुए कहा, “सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई, 2026 को संसद तक मार्च में शामिल होने वालों के खिलाफ मामले दर्ज न करने को लेकर सकारात्मक रुख अपना रही है।”

2. पेपर लीक पर आएगा और सख्त कानून
सरकार के दूसरे बड़े कदम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने का ऐलान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए केंद्र नया कानून लाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में संशोधन करने जा रही है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा लाए जाने वाले इस संशोधन में संगठित नकल और पेपर लीक के मामलों में अधिक कठोर सजा, भारी जुर्माना और जांच व कार्रवाई के लिए एक तय समय-सीमा का प्रावधान होगा।

3. उच्च शिक्षा सचिव को हटाया गया
सरकार ने प्रशासनिक मोर्चे पर भी सख्त कदम उठाया है। गुरुवार देर रात हुए एक बड़े नौकरशाही फेरबदल में केंद्र ने उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब नरेश पाल गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। परीक्षा तंत्र को लेकर उठ रहे सवालों, संसद में हो रहे हंगामे और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच इसे एक बड़े ‘प्रशासनिक रीसेट’ के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की सत्यनिष्ठा अभी भी बरकरार है, लेकिन राजनीतिक संवाद, विधायी पहल और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए सरकार ने जनता और छात्रों का विश्वास फिर से हासिल करने का एक स्पष्ट संदेश दिया है।

जारी है विरोध-प्रदर्शन
बता दें कि नीट पेपर लीक को लेकर जंतर मंतर के साथ देश भर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी पार्टियां भी सड़क से लेकर संसद तक विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। उनका कहना है कि जब तक धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा, सदन में कोई चर्चा नहीं होगी।

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