जयपुर (सिंधु चौपाल संवाददाता जयप्रकाश बूलचंदानी)।
राज्य में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और सही माप-तौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। उपभोक्ता मामले मंत्री श्री सुमित गोदारा के निर्देशों के तहत विधिक मापविज्ञान अधिनियम-2009 और नियमों की अवहेलना करने वाली फर्मों के खिलाफ जयपुर जिले में एक व्यापक अभियान चलाया गया।
झोटवाड़ा और कालवाड़ में 5 फर्मों की हुई जांच
बुधवार को विभागीय जांच दलों ने जयपुर के झोटवाड़ा और कालवाड़ क्षेत्र में 5 प्रमुख खाद्य एवं व्यापारिक फर्मों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 3 फर्मों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर त्वरित वैधानिक कार्रवाई करते हुए कुल 1,57,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया तथा अनियमित पैकेटों को जब्त किया गया।
इन फर्मों पर हुई कार्रवाई और लगा जुर्माना:
यश फूड प्रोडक्ट (रीको, झोटवाड़ा):
अनियमितता: उत्पादों में वजन कम मिला, कांटा असत्यापित पाया गया तथा पैकर रजिस्ट्रेशन नहीं था।
कार्रवाई: 340 पैकेट जब्त किए गए और 57,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
पिंक सिटी मिल्स (झोटवाड़ा):
अनियमितता: पैकेटों में नेट कंटेंट (शुद्ध मात्रा) सही नहीं पाई गई और पैकर रजिस्ट्रेशन नहीं मिला।
कार्रवाई: 500 पैकेट जब्त कर 55,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
दूध मिष्ठान भंडार (कालवाड़):
अनियमितता: नेट कंटेंट की मात्रा नियमानुसार सही नहीं पाई गई।
कार्रवाई: 50 पैकेट जब्त किए गए और 45,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
निरीक्षण में पाई गईं सही फर्म:
निरीक्षण के दौरान श्री अजब फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (झोटवाड़ा) एवं रॉयल काजूवाला में जांच के दौरान सभी मानक सही पाए गए और कोई अनियमितता नहीं मिली।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
विभाग के इस नियमित अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में उपभोक्ताओं को ठगी से बचाना, सही माप-तौल सुनिश्चित करना और डिब्बा बंद वस्तुओं के नियमानुसार पारदर्शी क्रय-विक्रय को बढ़ावा देना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता हितों से खिलवाड़ करने वाली फर्मों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।