जयपुर (सिंधु चौपाल संवाददाता)।
जयपुर शहर के मैरिज गार्डनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर दक्षिण) श्री राजर्षि राज (IPS) के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) की शत-प्रतिशत नकदी और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद कर ली है।
हलवाई के कमरे का ताला खोलकर पार किए थे 3 लाख रुपये
घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि परिवादी अशोक कुमार जैन (निवासी माधोराजपुरा, जयपुर ग्रामीण) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने ‘श्री कृष्णा बाग’ (खेजड़ों का बास, मुहाना मंडी रोड) में आयोजित एक विवाह समारोह में हलवाई का काम लिया था।
दिनांक 24 जुलाई को उन्हें काम के एवज में मिले ₹3 लाख रुपये उन्होंने मैरिज गार्डन के कमरा नंबर 106 के बैग में रखे थे। 25 जुलाई की शाम को जब वे कमरे पर ताला लगाकर रसोई की तरफ गए, तभी आरोपी ने फर्जी चाबी या अन्य माध्यम से कमरे का ताला खोला और बैग में रखे ₹3 लाख रुपये चोरी कर फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर संदिग्ध व्यक्ति कमरे में घुसता और निकलता नजर आया।
सीसीटीवी और मुखबिर की मदद से पकड़ा गया आरोपी
वारदात की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी (दक्षिण) ललित कुमार शर्मा के निर्देशन और एसीपी मानसरोवर हेमेंद्र शर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी उदय सिंह यादव के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
गठित टीम ने तकनीकी सहायता, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर खास की सूचना के आधार पर संदिग्ध आरोपी विकास कुमार सैनी को दस्तयाब किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर ₹3 लाख की पूरी नकदी बरामद कर ली गई।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
आरोपी: विकास कुमार सैनी (उम्र 26 वर्ष), पुत्र बंशीधर माली।
मूल निवासी: ढाणी गौरूवाला, गांव बबई, थाना बबई, जिला झुंझुनू।
हाल निवासी: हंस बिहार, मांग्यावास, पुलिस थाना नारायण बिहार, जयपुर दक्षिण।
पुलिस का वक्तव्य:
पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद शातिर और चालाक किस्म का है। उसने पूछताछ में अन्य कई मैरिज गार्डनों में चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है, जिनसे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
पुलिस टीम की विशेष भूमिका
इस कार्रवाई में पत्रकार कॉलोनी थाने के उप निरीक्षक अशोक कुमार, कांस्टेबल उमेश कुमार (विशेष भूमिका), कांस्टेबल रामस्वरूप (विशेष भूमिका), कांस्टेबल दिनेश कुमार और तकनीकी शाखा के हेड कांस्टेबल लोकेश की सराहनीय भूमिका रही।
