प्रशिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा: RPA और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का तीन दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
29 से 31 जुलाई तक आयोजित कार्यशाला में 42 प्रशिक्षकों को मिली आधुनिक ट्रेनिंग; वैज्ञानिक पद्धतियों पर दिया गया जोर
जयपुर (सिंधु चौपाल संवाददाता)।
राजस्थान पुलिस में प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, आधुनिक एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA), जयपुर तथा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर (गुजरात) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को सफल समापन हुआ। 29 से 31 जुलाई तक ‘ट्रेनिंग नीड एनालिसिस’ (Training Need Analysis) विषय पर चले इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशिक्षण के आधुनिकीकरण पर गहन मंथन किया गया।
सिस्टमैटिक ट्रेनिंग अप्रोच का आधार है वैज्ञानिक विश्लेषण: शंकर दत्त शर्मा
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि उप महानिरीक्षक पुलिस एवं अतिरिक्त निदेशक (RPA) श्री शंकर दत्त शर्मा ने कहा कि सिस्टमैटिक ट्रेनिंग अप्रोच का सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘ट्रेनिंग नीड एनालिसिस’ है। प्रशिक्षण की आवश्यकताओं की वैज्ञानिक पहचान के बिना प्रभावी प्रशिक्षण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि RPA देश के अग्रणी प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल है और ऐसे नवाचारों से प्रशिक्षकों की क्षमता में इजाफा होगा।
समारोह में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर श्री कल्पेश वांड्रा तथा डीन श्री अविनाश खरेल भी ऑनलाइन जुड़े और आधुनिक पुलिसिंग की जरूरतों के अनुसार ट्रेनिंग मॉड्यूल में सुधार पर विचार रखे।
42 प्रशिक्षकों को मिली आधुनिक शिक्षण तकनीकों की ट्रेनिंग
तीन दिवसीय इस विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने राजस्थान पुलिस अकादमी के 42 प्रशिक्षकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसमें मुख्य रूप से:
- प्रशिक्षण आवश्यकताओं का वैज्ञानिक विश्लेषण (Need Analysis)
- आधुनिक ट्रेनिंग मॉड्यूल का विकास
- स्मार्ट शिक्षण तकनीकें और केस स्टडी मेथड
- मूल्यांकन प्रणाली एवं क्षमता निर्माण (Capacity Building)
RPA और RRU का निरंतर सहयोग
डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन तथा RPA निदेशक श्री संजीव कुमार नार्जारी के निर्देशन में राजस्थान पुलिस अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच प्रशिक्षण और शोध की संयुक्त गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि मिशन कर्मयोगी के तहत RPA के पुलिस निरीक्षक श्री धीरज वर्मा को डीजीपी सम्मेलन में अपने 100 घंटे के सामुदायिक सहभागिता अनुभव साझा करने हेतु RRU भेजा गया था। साथ ही, विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा RPA के पाठ्यक्रमों को अपडेट करने का कार्य भी किया गया है।
समापन अवसर पर दोनों संस्थानों ने भविष्य में भी पुलिस अनुसंधान, सुरक्षा मानकों और क्षमता निर्माण पर मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।