कल 2 अगस्त को पालतू डॉग–कैट का रजिस्ट्रेशन कराएं, अन्यथा होगी जब्ती और ₹5,000 तक जुर्माना
दुर्गापुरा में लगेगा विशेष ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन कैंप; नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने की समय रहते पंजीकरण कराने की अपील
जयपुर (सिंधु चौपाल संवाददाता)।
नगर निगम जयपुर ने शहर में पालतू कुत्तों (Dog) और बिल्लियों (Cat) के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि शनिवार, 2 अगस्त को आयोजित होने वाला विशेष रजिस्ट्रेशन कैंप इस प्रक्रिया को पूरा करने का एक सुनहरा अवसर है।
तय समयसीमा के बाद यदि कोई पालतू डॉग या कैट बिना रजिस्ट्रेशन के पाया गया, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में पालतू जानवर को जब्त किया जा सकता है तथा संबंधित मालिक पर ₹5,000 तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
नागरिकों और पशुओं की सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया: आयुक्त ओम कसेरा
नगर निगम आयुक्त श्री ओम कसेरा ने बताया, “पालतू डॉग एवं कैट का रजिस्ट्रेशन केवल एक कागजी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह नागरिकों, पशुओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) की सुरक्षा से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सभी पेट ऑनर्स (Pet Owners) समय रहते अपने पालतू पशुओं का रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं। अभियान के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
कल लगेगा विशेष कैंप: ये दस्तावेज साथ लाएं
नगर निगम द्वारा 2 अगस्त को दुर्गापुरा स्थित आईडीबी (IDB) में एक विशेष रजिस्ट्रेशन कैंप आयोजित किया जा रहा है। यहाँ पेट ऑनर्स मौके पर ही (On-the-spot) रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे।
रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज व शुल्क:
- साथ लाएं: अपना पालतू डॉग या कैट
- मालिक की फोटो: पासपोर्ट साइज फोटो
- टीकाकरण कार्ड: नवीनतम वैक्सीनेशन (Rabies/Vaccination) कार्ड
- पहचान पत्र: पहचान पत्र का विवरण/कॉपी
- रजिस्ट्रेशन शुल्क: ₹1,000 + जीएसटी (GST)
30 सितंबर तक जागरूकता, फिर होगी कार्रवाई
नगर निगम के अनुसार 30 सितंबर तक शहरभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से लोगों को अपने पेट्स का पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद नगर निगम की टीमें शहर में विशेष जांच अभियान चलाकर सख्त प्रवर्तन (Enforcement) कार्रवाई की शुरुआत करेंगी। निगम ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते नियमों का पालन कर किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचें।