दूरदर्शन पर सिंधी भाषा के 24×7 टीवी चैनल की उठी मांग, सिंधी पंचायत ने पीएम मोदी को भेजे पोस्टकार्ड
10 अप्रैल 1967 को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल हुई थी सिंधी; 59 साल बाद भी स्वतंत्र चैनल न होने पर सिंधी समाज ने जताई नाराजगी
जयपुर ।
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत (रजि.) दादी का फाटक, जयपुर एवं सिंधियत संरक्षण मंच जयपुर, राजस्थान द्वारा सिंधी भाषा, संस्कृति और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक विशेष अभियान का आगाज किया गया। दूरदर्शन पर सिंधी भाषा के स्वतंत्र 24×7 टीवी चैनल के प्रसारण की मांग को लेकर सिंधी समाज के पदाधिकारियों, मातृशक्ति और बच्चों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नाम पोस्टकार्ड लिखकर भेजे।
21,689 दिन बीते, फिर भी सिंधी भाषा का अपना चैनल नहीं: दिलीप भूरानी
पंचायत के महासचिव दिलीप भूरानी ने विषय की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा:
“आज से ठीक 59 वर्ष पहले 10 अप्रैल 1967 को 21वें संविधान संशोधन के माध्यम से सिंधी भाषा को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किया गया था। आज 21,689 दिन बीत जाने के बाद भी दूरदर्शन पर सिंधी भाषा का अपना स्वतंत्र टीवी चैनल प्रसारित नहीं किया जा रहा है। हमारी केंद्र सरकार से पुरजोर मांग है कि सिंधी समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए अविलंब 24×7 सिंधी टीवी चैनल शुरू किया जाए।”
21,689 पोस्टकार्ड भेजने का लिया संकल्प
पंचायत के अध्यक्ष राजेश आहूजा ने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों व मातृशक्ति ने एक स्वर में प्रण लिया है कि सिंधी समाज की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री जी को कुल 21,689 पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे, ताकि सरकार इस जायज मांग पर त्वरित विचार कर इसे पूर्ण करे।
वहीं, पंचायत उपाध्यक्ष एवं सचिव गोरधन हरचंदानी ने जानकारी दी कि इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने के लिए जयपुर शहर की सभी सिंधी पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं को प्रेरित कर अभियान से जोड़ा जाएगा, जिससे प्रत्येक सिंधी परिवार का संदेश प्रधानमंत्री तक पहुँच सके।
कार्यक्रम में शामिल रहे प्रमुखजन व मातृशक्ति:
- प्रमुख पदाधिकारी/पुरुषवर्ग: अशोक वासवानी, श्याम चंदनानी, लालचंद संगतानी, होशियार सिंह, जगदीश साधवानी, वासुदेव प्रीतमानी, इंदर कुमार थावानी, अशोक झमतानी, पुरुषोत्तम नजवानी, राजेश भागनानी, गोविंद सेवकानी, राजेश ठाकुर एवं महेश कुमार मनवानी।
- मातृशक्ति एवं युवा: श्रीमती माला चंदानी (अध्यक्ष), श्रीमती अनीता वासवानी, कुमारी कशिश वासवानी, श्रीमती जान्हवी रामचंदानी, श्रीमती गोदावरी रामचंदानी, श्रीमती कविता जसवानी, श्रीमती वान्या नाजवानी, श्रीमती भारती नाजवानी, श्रीमती रुक्मणी रामचंदानी, श्रीमती लक्ष्मी देवी नाजवानी एवं श्रीमती भावना मनवानी।