जोधपुर हाईकोर्ट ने भट्ट दंपती की याचिका खारिज करते हुए मामले को आपराधिक श्रेणी में रखा है
विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट पर 30 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का आपराधिक मामला चल रहा है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था, जबकि भट्ट दंपती सुप्रीम कोर्ट की जमानत पर जेल से बाहर हैं। मामले की जांच में फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों के ऑनलाइन लेनदेन का खुलासा हुआ है। डॉ. अजय मुर्डिया ने भट्ट दंपती के खिलाफ 8 नवंबर 2025 को भूपालपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस एफआईआर के आधार पर पुलिस ने विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट समेत 8 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस जांच में पता चला कि पीड़ित डॉ. मुर्डिया से चार फिल्मों के नाम पर ₹44.29 करोड़ का ऑनलाइन भुगतान लिया गया। इनमें से चौथी फिल्म महाराणा का करार ₹25 करोड़ में हुआ था, लेकिन शूटिंग तक शुरू नहीं हुई। पुलिस ने मामले में सह-निर्माता महबूब अंसारी और वेंडर संदीप त्रिलोभन से पूछताछ की। दोनों ने कबूला कि आरोपियों ने रंग-रोगन करने वालों, ऑटो चालकों और छोटे दुकानदारों के नाम पर फर्जी वेंडर खाते खोले थे। इन फर्जी खातों में ₹2-2 लाख जमा कराए जाते थे, जिसमें से ₹1.40 लाख सीधे श्वेतांबरी भट्ट के बैंक खाते में ट्रांसफर होते थे। जांच में यह भी सामने आया कि इंदिरा एंटरटेनमेंट से 25 से ज्यादा बार फर्जी बिल क्लेम कराकर ऑन-रिकॉर्ड ₹35 लाख का अवैध भुगतान किया गया। पुलिस ने इस मामले में सभी साक्ष्य जुटा लिए हैं और चार्जशीट पेश कर दी है। मामला अब आपराधिक धाराओं में आरोप तय करने के चरण में है। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह मामला आपराधिक केस श्रेणी में ही चलेगा। जोधपुर हाईकोर्ट ने भट्ट दंपती की कानूनी पैंतरेबाजी को नाकाम करते हुए साफ किया कि इस मामले में कोई बदलाव संभव नहीं है। न्यायमूर्ति फर्जंद अली की एकल पीठ ने 14 अगस्त 2026 को फैसला सुनाते हुए उनकी संशोधन याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि मामले में दी गई अंतिम निर्णय के बाद अदालत अधिकार-शून्य हो जाती है और अपने निर्णय की समीक्षा नहीं कर सकती। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 403 का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया गया। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय उदयपुर में चल रही है। पिछले साल 7 दिसंबर 2025 को उदयपुर के तत्कालीन डीएसपी छगनलाल राजपुरोहित की 6 सदस्यीय टीम ने मुंबई के जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स में दबिश दी थी। अब यह मामला अदालत में आपराधिक मुकदमे की दहलीज पर पहुंच चुका है।

