स्थानीय नेताओं के वादे सिर्फ चुनावों तक सीमित
मंगलम सिटी में स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया है। तीन दिन से जारी इस धरने में दीपमाला शर्मा समेत कई लोग भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गड्ढों से भरी सड़कें उनकी जिंदगी को मुश्किल बना रही हैं। भूख हड़ताल में शामिल विक्रम सिंह राठौड़ और दशरथ सिंह ने भी अपनी आवाज उठाई है। उनके साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग इस आंदोलन में शामिल हुए हैं। धरने में आक्रोशित लोग आरोप लगाते हैं कि स्थानीय नेताओं को मंगलम सिटी केवल चुनावों के समय याद आती है। स्थानीय नेताओं के चुनावी वादे सिर्फ भाषणों तक सीमित रहते हैं और चुनाव जीतने के बाद वे इस क्षेत्र को भूल जाते हैं। प्रदर्शनकारी इस बात को लेकर खासे नाराज हैं कि विधायक, सांसद और जेडीए अधिकारी धरने पर नहीं पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारी लगातार अपनी समस्याओं को जिम्मेदारों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर आकर उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगामी नगर निगम चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। उनका कहना है कि वोट मांगने आए नेताओं का विरोध किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समस्याओं का स्थायी समाधान चाहिए। दीपमाला शर्मा और अन्य प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। प्रदर्शनकारी यह भी कहते हैं कि अगर प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान समय पर करता है, तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है। अन्यथा, वे अपने प्रदर्शन को और तेज करेंगे। मंगलम सिटी में गड्ढों की स्थिति इतनी खराब है कि लोग सड़क पर चलने के बजाय गड्ढों में यात्रा कर रहे हैं। पूरे जयपुर में ऐसी कोई कॉलोनी नहीं है, जहां इतनी खराब सड़कें हों।
