जयपुर (सिंधु चौपाल): मुहाना मंडी (सेकेंड फेज) की बदहाली और मुख्य मंडी की सड़कों पर हो रहे अवैध कारोबार को लेकर 'सिंधु चौपाल' में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। खबर छपते ही नींद से जागे कृषि उपज मंडी समिति (फल एवं सब्जी) प्रशासन ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए धरातल पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंडी प्रशासन द्वारा मुख्य प्रांगण, कवर्ड ऑक्शन प्लेटफॉर्म और आंतरिक सड़कों पर अवैध रूप से बैठकर व्यापार करने वाले फर्मों और आवंटियों को नोटिस थमाना शुरू कर दिया गया है।
प्रशासन सख्त, लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी
मंडी समिति के सचिव द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जिन आवंटियों को सेकेंड फेज में दुकानें/भूखण्ड आवंटित हैं, वे मुख्य मंडी की सड़कों और ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर अतिक्रमण हटाकर अपनी आवंटित दुकानों में शिफ्ट हों। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवंटन और लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
जनता से जुड़े मुद्दों पर मुहर
'सिंधु चौपाल' ने 8 अक्टूबर के अंक में "लाखों की दुकानें वीरान, आवंटी सड़क पर, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप" शीर्षक से सच उजागर किया था। इसमें बताया गया था कि कैसे करोड़ों की लागत से बनी दुकानें वीरान पड़ी हैं और आवंटी सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं।
प्रशासन द्वारा शुरू की गई यह कार्रवाई साबित करती है कि 'सिंधु चौपाल' की बेबाक और निष्पक्ष पत्रकारिता से लगातार जनहित के मुद्दों पर प्रशासनिक अमला हरकत में आ रहा है।
