वक्फ बोर्ड के कार्यक्रम में बच्चियों के डांस पर जायरा वसीम ने उठाए सवाल

Spread the love

जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की ओर से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में लड़कियों को कश्मीरी गीत पर नाचते देखे जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. आमिर खान की फिल्म दंगल में काम कर चुकीं एक्टर जायरा वसीम ने इस पर आपत्ति जताई है.

जायरा वसीम ने कार्यक्रम में छोटी बच्चियों को सिर्फ मंच की शोभा बढ़ाने वाले प्रॉप्स की तरह इस्तेमाल किए जाने पर सवाल उठाया है. वहीं, कुछ लोगों ने इसे इस्लामी मूल्यों का उल्लंघन करार देते हुए कहा है कि जिस संस्था की स्थापना इन मूल्यों को कायम रखने के लिए हुई है, वही उनका उल्लंघन कर रही है.

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने वक्फ बोर्ड की आलोचना करते हुए कहा कि उसे धार्मिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए, न कि उनके विपरीत काम करना चाहिए. हालांकि, दंगल स्टार जायरा वसीम का सवाल मुख्य रूप से स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में छात्रों, खासकर बच्चियों की भूमिका को लेकर था.

वक्फ बोर्ड की प्रमुख और बीजेपी नेता दरख्शां अंद्राबी ने इस आलोचना पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वसीम ने एक्स पर सवाल उठाते हुए कहा था कि क्या वक्फ बोर्ड एक धार्मिक संस्था नहीं है, जिसे मुस्लिम समुदाय की सेवा करने और आदर्श रूप से इस्लामी मूल्यों को कायम रखते हुए ऐसा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है?

उन्होंने कहा कि फिर इस संस्था को लेकर एक बात लगभग हास्यास्पद लगती है कि यह एक ऐसा संगठन है, जिसकी बुनियाद धार्मिक और सामुदायिक उद्देश्य पर रखी गई है लेकिन वह ऐसी चीज को बेहद सहजता से होने दे रहा है, जिस पर कम से कम एक धार्मिक संस्था से सवाल उठाने की उम्मीद की जाती है.

उन्होंने कहा कि यह अपना नाम ऐसे आयोजनों से जोड़ता है, जो हमारे बच्चों को मंच पर महज प्रॉप्स और कलाकारों तक सीमित कर देते हैं. बच्चों और खासकर लड़कियों को सार्वजनिक समारोहों में शामिल करने का डिफॉल्ट तरीका उन्हें अप्रासंगिक गीतों पर नचाना ही क्यों है? हमारी संस्थाएं उन्हें सोचने, कुछ नया रचने, सीखने, चर्चा करने, निर्माण करने या किसी सार्थक काम में योगदान देने का अवसर क्यों नहीं देतीं?

उन्होंने कहा कि ऐसा खासतौर पर कश्मीर जैसी जगह पर हो रहा है, जिसकी शिक्षा और बौद्धिक परंपरा बेहद समृद्ध रही है. वसीम के मुताबिक, कश्मीर में ऐसे कई महान लोग रहे हैं, जिन्होंने शिक्षा को मन को रोशन करने, चरित्र का निर्माण करने और लोगों को ज्ञान व आध्यात्मिकता से लैस करने का माध्यम माना है. उन्होंने सवाल किया कि हमारे अतीत के महान विद्वानों की बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत का क्या? अगर यह ऐसी संस्था है, जिसका अस्तित्व ही धार्मिक उद्देश्य से जुड़ा है, तो आप पर समुदायों को आध्यात्मिक, नैतिक और बौद्धिक रूप से मजबूत करने की गहरी जिम्मेदारी है.

बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के इस कार्यक्रम का वीडियो सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित एक स्कूल की छात्राएं अब्दुल राशिद हाफिज के एक गीत पर नाचते दिखाई दे रही हैं. इस वीडियो को सरकार समर्थक कई सोशल मीडिया हैंडल्स ने भी साझा किया है. जम्मू-कश्मीर में वक्फ बोर्ड प्रमुख इस्लामी धार्मिक स्थलों का प्रबंधन करता है.

जायरा वसीम ने सीक्रेट सुपरस्टार और द स्काई इज पिंक जैसी फिल्मों में भी काम किया है। उन्होंने 2019 में यह कहते हुए फिल्मी दुनिया छोड़ने का ऐलान किया था कि अभिनय उनके धार्मिक विश्वासों और आस्था के आड़े आ रहा है।

sindhuchaupal
Author: sindhuchaupal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

POll

[democracy id="1"]

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal