"सांगानेर मेरा परिवार है, यहां के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी सरकार"
जयपुर | विशेष संवाददाता सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भव्य रक्षाबंधन स्नेह मिलन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर के प्रति अपने आत्मीय और पारिवारिक रिश्तों को खुलकर मंच से साझा किया। उन्होंने पूरी मजबूती के साथ कहा कि सांगानेर उनके लिए महज एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि उनका अपना परिवार है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिला कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति से रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया और उनसे स्नेह की राखी बंधवाई। वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम की शुरुआत में स्थानीय मंडल अध्यक्षों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा मंच पर पहुंचे सभी अतिथियों का जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस दौरान मंच पर संभाग चुनाव के प्रभारी प्रभुलाल सैनी, प्रसन्न मेहता, संभाग प्रभारी शंकर सिंह राजपुरोहित, जयपुर शहर जिला अध्यक्ष अमित गोयल, जिला सह प्रभारी राजेंद्र पराणा, विभिन्न मंडल अध्यक्षों (दीपा नाथावत, विपिन सिंघल, सुनील शर्मा, गोपाल सैनी, अनिल चौधरी) सहित अनेक प्रमुख नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। सांगानेर की जनता के प्रति आभार और विकास का संकल्प अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते उन पर पूरे राजस्थान की जिम्मेदारी है, जिसके कारण वे अपनी विधानसभा को उतना समय नहीं दे पाते जितना देना चाहिए। इसके बावजूद, उन्होंने सांगानेर की जनता, पार्षदों और कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने खुद क्षेत्र की बागडोर संभाल रखी है। सीएम ने सांगानेरवासियों को आश्वस्त किया कि कैंप कार्यालय या सीधे उनके स्तर पर आने वाले किसी भी व्यक्ति को कभी निराश नहीं होना पड़ेगा। सांगानेर के विकास और जनता की उम्मीदों को पूरा करने में कभी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में महिलाओं और मातृशक्ति ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा पंडाल गूंज उठा। इस दौरान "सांगानेर की आवाज" और "भजनलाल शर्मा जिंदाबाद" के गगनभेदी नारों के साथ जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सरकार की प्राथमिकताएं और जनहितैषी नीतियां मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हवाला देते हुए कहा कि देश में चार प्रमुख जातियां—महिला, युवा, किसान और गरीब—हैं, और सरकार इन्हीं के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में भ्रष्टाचार, बिगड़ी कानून-व्यवस्था और अपराधियों के आतंक ने जनता, युवाओं और महिलाओं को त्रस्त कर दिया था, जिससे जनता का सरकार से पूरी तरह भरोसा उठ चुका था। इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही एक मजबूत रोडमैप तैयार किया और राजस्थान को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया। जल प्रबंधन सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने पानी की उपलब्धता को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य का कोई भी क्षेत्र पानी की समस्या से अछूता न रहे। उन्होंने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) का जिक्र करते हुए कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की इस परियोजना के तहत बड़े टेंडर व कार्य धरातल पर शुरू हो चुके हैं। इसके साथ ही, यमुना जल समझौते की योजना, इंदिरा गांधी और गंग नहर का सुदृढ़ीकरण, देवास स्कीम, जवाई योजना, माही डैम सिंचाई योजना और बीसलपुर के लिए ब्राहणी नदी योजना जैसी बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

