सांगानेर (जयपुर): दीपावली और नवरात्र के शुभ अवसर पर मुहाना मंडी रोड स्थित 'खुशी होंडा' के डायरेक्टर और प्रमुख समाजसेवी आरिफ भाई से 'सिंधु चौपाल' की विशेष बातचीत हुई। इस इंटरव्यू में आरिफ भाई ने त्योहारों पर होंडा गाड़ियों पर मिल रहे आकर्षक डिस्काउंट्स, महिला ग्राहकों के लिए विशेष छूट, क्रेडिट कार्ड ऑफर्स और आसान फाइनेंस सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।
इसके साथ ही, उन्होंने अपनी व्यावसायिक सफलता के पीछे की सोच, सर्व-समाज के प्रति भाईचारे की भावना और अपने शोरूम पर आने वाले हर ग्राहक के लिए निःशुल्क भोजन की अनूठी पहल पर भी अपने विचार साझा किए हैं।
रिपोर्टर: नमस्ते आरिफ भाई, एक छोटा सा परिचय हमारे दर्शकों के लिए।
आरिफ भाई: नमस्कार, मेरा नाम आरिफ भाई है और मैं 'खुशी होंडा' जो मुहाना मंडी रोड स्थित है, उसी का डायरेक्टर हूँ और आप सभी लोगों का सेवादार हूँ।
रिपोर्टर: अभी नवरात्रा और दिवाली चल रही है, इसके लिए कोई विशेष ऑफर चल रहा है?
आरिफ भाई: बिल्कुल सर, 'खुशी होंडा' हमेशा आप लोगों के लिए, हमारे हर कस्टमर्स के लिए स्कीम्स देने के लिए तत्पर तैयार रहता है। अभी हमारा क्रेडिट कार्ड्स पर ऑफर चल रहा है, ₹10,000 तक का डिस्काउंट उस पर चल रहा है। इसके अलावा भी, महिला या आप किसी लेडीज के नाम से गाड़ी लेते हैं—मेरी बहन, माँ-बहन किसी के नाम से गाड़ी लें—तो ₹5,000 तक का एडिशनल डिस्काउंट हम लोग अभी दे रहे हैं। तो अभी बहुत बेहतरीन ऑफर चल रहे हैं। नवरात्रा के जो ऑफर चल रहे हैं, वह भी दो दिन हो गए हैं और तीसरा दिन आज स्टार्ट हो गया है, तो 9 दिन तक यह रेगुलर रहेगा।
रिपोर्टर: फाइनेंस कौन सी कंपनियों से कराते हैं आप?
आरिफ भाई: फाइनेंस हमारे यहाँ पर हर बैंक से उपलब्ध है। जितने भी राजस्थान में फाइनेंस करती हैं बैंकें, पूरी उपलब्ध हैं; चाहे एयू बैंक हो, आईडीएफसी हो, महा तेजस बैंक हो, जितनी भी बैंकें हैं यहाँ पर सब अवेलेबल हैं बिल्कुल।
रिपोर्टर: गाड़ियों में सबसे बेस्ट कौन सी गाड़ी चल रही है अभी?
आरिफ भाई: सबसे ज़्यादा स्कूटर कहें तो एक्टिवा। एक्टिवा सबसे ज़्यादा बिकने वाला मॉडल है। अब हमारा शाइन 100 और शाइन DX, वह भी बहुत शानदार मॉडल्स बन गए हैं क्योंकि उनका एवरेज 80 का है। तो बहुत बेहतरीन गाड़ी अभी बिक रही है। हमारे यहाँ सबसे ज़्यादा बिकने वाली गाड़ी अभी शाइन DX हो गई है। बहुत बेहतरीन गाड़ी बिक रही है।
रिपोर्टर: सामाजिक रूप से बात की जाए, सांगानेर में एक सर्व समाज के चेहरे के रूप में आरिफ भाई को पहचाना जाता है। आपको मान-सम्मान देते हैं, श्री नारायण मानव सेवा समिति हो, चाहे कोई किसी भी जगह चले जाओ आपका ज़रूर नाम आता है। इसकी प्रेरणा आपको कहाँ से मिलती है?
आरिफ भाई: जी सर, मैं बताता हूँ। मैं भाई-भाई की नीति पर चलने वाला आदमी हूँ। दूसरा, हर धर्म को साथ लेकर मैं चलने वाला आदमी हूँ। मुझे हर धर्म में अपना प्यार नज़र आता है, मैं सीखता हूँ। इंसानियत पर चलने वाला आदमी हूँ मैं। इंसानियत के लिए ही बना हूँ मैं, आरिफ भाई इंसानियत के लिए बना है।
रिपोर्टर: आपके समाज की मुस्लिम रंगरेज़ समाज है, उसके लिए भी मैंने देखा आप बड़े एक्टिव रहते हैं...
आरिफ भाई: जी बिल्कुल, समाज के लिए भी हमेशा एक्टिव रहते हैं। सर देखो, यह समय है, समय के अनुसार आप जितनी भी सेवा कर सकते हो कर लो, क्योंकि समय ही सब चीज़ सिखाता है।
रिपोर्टर: एक छोटी सी बात और, एक संदेश हमारे दर्शकों के लिए।
आरिफ भाई: बिल्कुल, मैं सभी दर्शकों के लिए एक संदेश 'सिंधु चौपाल' के लिए भी बोलना चाहूँगा कि यह बढ़ता हुआ अखबार है। और अभी हमारे जय भाई ने बहुत मेहनत करी है, बहुत स्ट्रगल किया है। इन्होंने खूब संघर्ष किया है, लेकिन अभी इस टाइम 'सिंधु चौपाल' बहुत शानदार तरीके से आगे बढ़ता हुआ अखबार है और बिल्कुल निष्पक्ष होकर यह लोगों के सामने अपनी बात रख रहा है। मेरी आपके उज्ज्वल भविष्य की कामनाएँ हैं। यह अखबार आगे बढ़ेगा, यह न्यूज़ चैनल आगे बढ़ेगा।
रिपोर्टर: कोई संदेश जो आप ग्राहकों और दर्शकों तक पहुँचाना चाहें?
आरिफ भाई: बिल्कुल, मेरे कस्टमरों से मैं एक अपील करना चाहता हूँ कि एक बार 'खुशी होंडा' ज़रूर आएँ। हाँ, एक चीज़ और है यहाँ पे 'खुशी होंडा' पे एक स्पेशल चीज़ है कि 1:00 बजे से 2:00 बजे तक—हम खाना बाद में खाते हैं, पहले हमारे कस्टमर—यहाँ पे खाना फ्री मिलता है। शाम का खाना भी फ्री है, दिन का खाना भी फ्री है, क्योंकि आप लोगों के पीछे ही हमारे घर का खाना बनता है तो आप लोग भूखे नहीं रह सकते हो। हमारे हर कस्टमर्स के लिए 'खुशी होंडा' पर खाना फ्री रहता है। तो आप कभी भी आएँ, अगर आप टाइम से आते हैं 1:00 से 2:00 बजे के बीच में तो खाना ज़रूर खाके जाएँ और शाम को 7:00 से 8:00 के बीच में खाना ज़रूर खाके जाएँ। तो मेरा यही है कि एक बार ज़रूर आएँ, गाड़ी लेना न लेना वह बाद की बात है, लेकिन खाना खाने ज़रूर आइए 'खुशी होंडा' पर।

