अग्रवाल फार्म, जयपुर:
अग्रवाल फार्म स्थित श्री झूलेलाल तिब्बती बाजार के चौक परिसर और बेसमेंट में नियम-कायदों को ताक पर रखकर रातों-रात तानी जा रही अवैध दुकानों के मामले में प्रशासनिक हड़कंप मच गया है। 'सिंधु चौपाल' द्वारा इस पूरे फर्जीवाड़े को प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद राजस्थान आवासन मंडल (राजस्थान हाउसिंग बोर्ड) तुरंत हरकत में आ गया है। आवासन मंडल ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए 'श्री झूलेलाल तिब्बती मार्केट विकास समिति' को औपचारिक नोटिस थमा दिया है और निर्मित अवैध दुकानों को तुरंत हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
रातों-रात तान दी थीं दुकानें, मेंटेनेंस के नाम पर किया अवैध कब्जा
उल्लेखनीय है कि तिब्बती मार्केट के चौक परिसर और मुख्य सीढ़ियों के पास की सार्वजनिक जमीन पर बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के 3 अवैध दुकानें खड़ी कर कपड़ों का कारोबार शुरू कर दिया गया था। इतना ही नहीं, सीढ़ियों के पास दूसरी दुकान का निर्माण भी धड़ल्ले से जारी था। जब इस संबंध में समिति के पदाधिकारियों से सवाल किया गया तो उन्होंने मेंटेनेंस खर्चा वसूलने के नाम पर यह निर्माण करवाने का तर्क दिया था।
वहीं, इस मामले में जब राजस्थान आवासन मंडल (अग्रवाल फार्म) के डिप्टी कमिश्नर के. के. दीक्षित से बात की गई थी, तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि मंडल द्वारा किसी भी प्रकार के निर्माण की कोई अनुमति (परमिशन) जारी नहीं की गई है।
नोटिस में अल्टीमेटम: स्वंय हटा लें, वरना बुलडोजर चलाकर वसूला जाएगा खर्चा
राजस्थान आवासन मंडल (खण्ड-षष्ठम्, जयपुर) के आवासीय अभियंता मनोज दुबे द्वारा जारी किए गए नोटीस के तहत समिति अध्यक्ष को दिए गए नोटिस के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
नोटिस में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि तिब्बती मार्केट के बेसमेंट और खुले स्थान पर दुकानों का कराया जा रहा निर्माण पूरी तरह अवैध है।
समिति को निर्देशित किया गया है कि इस अवैध निर्माण को बिना किसी देरी के तत्काल हटवाया जाए।
यदि समिति स्वयं इस अवैध निर्माण को नहीं हटाती है, तो राजस्थान आवासन मंडल द्वारा नियमानुसार इसे ध्वस्त कराया जाएगा।
मंडल द्वारा कार्रवाई किए जाने की स्थिति में होने वाले समस्त हर्जे-खर्चे की पूरी जिम्मेदारी समिति की होगी।
उच्च अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस नोटिस की प्रतिलिपि अतिरिक्त मुख्य अभियंता (प्रथम), उप आवासन आयुक्त (वृत्त-द्वितीय, राजस्थान आवासन मंडल) तथा उपायुक्त (नगर निगम, गोखले मार्ग मानसरोवर, जयपुर) को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।
'सिंधु चौपाल' की इस निष्पक्ष और असरदार पत्रकारिता के बाद अब देखना यह होगा कि समिति नोटिस के बाद खुद निर्माण हटाती है या आवासन मंडल का दस्ता मौके पर पहुंचकर अवैध ढांचे पर बुलडोजर चलाता है।
