जयपुर (सिंधु चौपाल): सांगानेर क्षेत्र में दूषित जल और बढ़ते प्रदूषण की गंभीर समस्या को लेकर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अवैध रूप से संचालित औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई तेज कर दी है। बोर्ड के सदस्य सचिव कपिल चन्द्रवाल (IFS) के अनुसार, अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ क्लोजर डायरेक्शन जारी करने, बिजली कनेक्शन काटने और सीलिंग जैसी सख्त कार्रवाई निरंतर की जा रही है। हाल ही में टीम पर हुए हमले के बाद पुलिस सुरक्षा की मांग की गई है ताकि इस अभियान को पूरी कड़ाई के साथ जारी रखा जा सके। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने पर CETP प्लांट पर भी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि (पेनल्टी) अधिरोपित की गई है। अवैध इकाइयों पर ताले, बिजली कनेक्शन काटे जा रहे सांगानेर के विभिन्न क्षेत्रों, सड़कों और नालों में बह रहे दूषित पानी की समस्या पर बात करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव कपिल चन्द्रवाल ने बताया कि क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही फैक्ट्रियों पर बोर्ड लगातार निगरानी रखे हुए है। प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने के लिए बड़ी संख्या में क्लोजर डायरेक्शन जारी किए गए हैं, साथ ही उनके बिजली कनेक्शन विच्छेद करने के आदेश भी दिए जा चुके हैं। इसके अलावा अवैध औद्योगिक इकाइयों को सील करने की कार्रवाई भी जारी है। टीम पर हमले के बाद मांगी पुलिस सुरक्षा, जारी रहेगा अभियान शिकारपुरा क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम पर हुए हमले और उसके बाद कार्रवाई की रफ्तार पर उठे सवालों का जवाब देते हुए सदस्य सचिव ने साफ किया कि कार्रवाई बंद नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से पुलिस प्रोटेक्शन (सुरक्षा बल) की मांग की गई है। पर्याप्त पुलिस बल मिलते ही इस कार्रवाई को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। केवल सहमति प्राप्त और CETP से जुड़ी इकाइयां ही मान्य सांगानेर में स्थित हजारों फैक्ट्रियों की वैधता पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि केवल वही औद्योगिक इकाइयां वैध मानी जाएंगी जिनके पास बोर्ड की विधिवत अनुमति (Consent) प्राप्त है और जो कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) से जुड़ी हुई हैं। इनके अलावा जो भी इकाइयां बिना अनुमति के संचालित हो रही हैं या पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन कर रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। CETP पर भी लगी पेनल्टी, सीवर में अवैध कनेक्शनों पर होगी जांच CETP पाइपलाइन में अवैध कनेक्शनों और अनधिकृत गतिविधियों की शिकायतों पर सदस्य सचिव ने कहा कि सीटीपी का संचालन करने वाली संस्था (SPV) की यह जिम्मेदारी है कि वह अपनी सदस्य इकाइयों को अनुशासन में रखे और पानी का सही तरीके से उपचार सुनिश्चित करे। बोर्ड को शिकायतों के सत्यापन में पाई गई अनियमितताओं के आधार पर CETP पर भी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि (पेनल्टी) अधिरोपित की गई है। वहीं, गवार ब्राह्मण सहित अन्य ग्रामीण व शहरी इलाकों में CETP से बिना जुड़ी और बाहर दूषित पानी फैलाने वाली इकाइयों के संबंध में उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की पूरी जांच करवाकर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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सांगानेर में अवैध फैक्ट्रियों पर पॉल्यूशन बोर्ड की सख्ती: क्लोजर और सीलिंग की कार्रवाई जारी, सदस्य सचिव कपिल चन्द्रवाल ने कहा— "नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई"
9 अक्टूबर 2026 को 6:30 pm बजे

सांगानेर में अवैध फैक्ट्रियों पर पॉल्यूशन बोर्ड की सख्ती: क्लोजर और सीलिंग की कार्रवाई जारी, सदस्य सचिव कपिल चन्द्रवाल ने कहा— "नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई"
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